कुरान - 8:63 सूरह अल-अन्फाल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

63
وَأَلَّفَ بَيۡنَ قُلُوبِهِمۡۚ لَوۡ أَنفَقۡتَ مَا فِي ٱلۡأَرۡضِ جَمِيعٗا مَّآ أَلَّفۡتَ بَيۡنَ قُلُوبِهِمۡ وَلَٰكِنَّ ٱللَّهَ أَلَّفَ بَيۡنَهُمۡۚ إِنَّهُۥ عَزِيزٌ حَكِيمٞ

Transliteration: (Wa allafa baina quloobihim; law anfaqta maa fil ardi jamee'am maaa allafta baina quloobihim wa laakinnallaaha allafa bainahum; innaahoo 'Azeezun Hakeem)

और उसी ने उनके दिलों को आपस में मिला दिया। अगर तुम धरती में जो कुछ भी है सब ख़र्च कर डालते, तो भी उनके दिलों को आपस में न मिला सकते। लेकिन अल्लाह ने उन्हें मिला दिया। बेशक, वह ग़ालिब है, हिकमत वाला है [141-142]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अन्फाल आयत 63 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनफ़ाल – आयत 63 की तफ़्सीर

✅ [141] औस और ख़ज़राज़ क़बीलों का इत्तिहाद – एक नबवी मोज़िज़ा

यह आयत मदीना के दो बड़े क़बीले औस और ख़ज़राज़ के बारे में है, जो सदियों से एक-दूसरे के दुश्मन थे। उनका यह गहरा बैर किसी इंसानी कोशिश, माल या सियासी दाव-पेंच से ख़त्म नहीं हो सकता था। मगर अल्लाह ने हज़रत मुहम्मद ﷺ की बरकत से उनके दिलों को साफ़ कर दिया और उन्हें भाई-भाई बना दिया।

✅ [142] दिलों का बदलना – अल्लाह की ख़ास क़ुदरत

ऐ हबीब ﷺ, आपके ज़रिए अल्लाह ने वह मोज़िज़ा दिखाया जो इंसान के बस से बाहर था — दिलों को जोड़ देना। जब आप मदीना आए, तो आपने दुश्मनी और जंग में उलझे लोगों को सिर्फ़ दस सालों में एक उम्मत बना दिया।

  • जंगजू लोग एक कौम बन गए
  • शरारती नेक बन गए
  • लड़ाकू आपस में भाई बन गए

यह अल्लाह का करिश्मा है कि उसने दिलों को जोड़ दिया, और वही है जो ग़ालिब और हिकमत वाला है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now