कुरान - 8:75 सूरह अल-अन्फाल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

75
وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ مِنۢ بَعۡدُ وَهَاجَرُواْ وَجَٰهَدُواْ مَعَكُمۡ فَأُوْلَـٰٓئِكَ مِنكُمۡۚ وَأُوْلُواْ ٱلۡأَرۡحَامِ بَعۡضُهُمۡ أَوۡلَىٰ بِبَعۡضٖ فِي كِتَٰبِ ٱللَّهِۚ إِنَّ ٱللَّهَ بِكُلِّ شَيۡءٍ عَلِيمُۢ

Transliteration: (Wallazeena aamanoo min ba'du wa haajaroo wa jaahadoo ma'akum fa Ulaaa'ika minkum; wa ulul arhaami baduhum awlaa biba'din fee Kitaabil laah; innal laaha bikulli shai'in 'Aleem)

और जो लोग बाद में ईमान लाए [169], और हिजरत की और तुम्हारे साथ जिहाद किया – वे भी तुम ही में से हैं। और रिश्तेदार एक-दूसरे के हक़ में अल्लाह की किताब में ज़्यादा हक़दार हैं [170]। निस्संदेह अल्लाह हर चीज़ को जानने वाला है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अन्फाल आयत 75 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनफ़ाल – आयत 75 की तफ़्सीर

✅ [169] बाद के मुहाजिरीन भी भाईचारे और सवाब में शरीक

इस आयत में उन लोगों का ज़िक्र है जो बाद में ईमान लाए और हिजरत की। अल्लाह ने फ़रमाया कि वे भी उसी उम्मत और भाईचारे का हिस्सा हैं और उनका दर्जा भी पिछले मुहाजिरीन और अंसार के साथ है। इसमें शामिल हैं:

  • वो लोग जो सीधे मदीना हिजरत कर आए।
  • वो जो पहले हब्शा (अफ़्रीका) गए, फिर मदीना पहुँचे — जिन्हें दो हिजरत वाले कहा जाता है।
  • वो जो सुलह-ए-हुडैबिया के बाद हिजरत कर आए — जिन्हें दूसरी हिजरत वाले कहा जाता है।

इस आयत से यह हक़ीक़त सामने आती है कि ईमान और अमल से जुड़ने वाला हर शख़्स उम्मत में शामिल है और उसे वही सवाब और दर्जा मिलेगा।

✅ [170] विरासत का हक़ अब ख़ून के रिश्ते से

फिर अल्लाह तआला ने हुक्म बयान फ़रमाया कि अब विरासत में अस्ल हक़दार रिश्तेदार हैं। पहले दौर में हिजरत और ईमान की बुनियाद पर भाईचारे से विरासत मिलती थी, लेकिन यह हुक्म अब मंसूख़ (रद्द) कर दिया गया। अब कुछ अहम बातें वाज़ेह होती हैं:

  • हिजरत और भाईचारे की विरासत का क़ानून खत्म कर दिया गया।
  • अब विरासत सिर्फ़ ख़ून के रिश्ते से जुड़ी है।
  • शौहर और बीवी आपस में वारिस हैं।
  • चाचा, फूफी, मामा, ख़ाला जो खून के रिश्ते से हैं, वो भी हक़दार हैं (ह़नफ़ी फ़िक़्ह के मुताबिक़)।

यह आयत रूहानी भाईचारे और क़ानूनी हक़ूक़ दोनों को बैलेंस करती है और दिखाती है कि अल्लाह का इल्म और हिकमत हर चीज़ पर हावी है।

 

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now