Transliteration: (Fakuloo mimmaa ghanimtum halaalan taiyibaa; watta qullaah; innal laaha Ghafoorur Raheem)
इस आयत में बद्र के क़ैदियों से ली गई फ़िदया और ग़नीमत का ज़िक्र है। अल्लाह ने वाज़ेह कर दिया कि यह माल हलाल और पाक है। यह चोरी या जुए की कमाई की तरह नापाक नहीं है। पहले सहाबा पर इन्क़िबाज़ हुआ था, लेकिन यहाँ अल्लाह ने उन्हें राहत और हलाल होने की तस्दीक़ दी।
साथ ही हुक्म दिया गया कि इस हलाल रोज़ी से फ़ायदा उठाने के बावजूद अल्लाह से डरो और उसके हुक्म की पाबंदी करो। हलाल कमाई भी तक़वा के साथ इस्तेमाल करनी चाहिए।
पहली आयत (68) में जब अज़ाब की धमकी दी गई, तो सहाबा ने फ़िदया लेने से परहेज़ किया। इस पर अल्लाह ने तसल्ली दी कि वह ग़फ़ूर (बख़्शने वाला) और रहीम (मेहरबान) है। यानी सहाबा का अमल नीयत के लिहाज़ से सही था और अल्लाह ने अपनी रहमत से इसे क़बूल कर लिया।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat