कुरान - 8:70 सूरह अल-अन्फाल अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

70
يَـٰٓأَيُّهَا ٱلنَّبِيُّ قُل لِّمَن فِيٓ أَيۡدِيكُم مِّنَ ٱلۡأَسۡرَىٰٓ إِن يَعۡلَمِ ٱللَّهُ فِي قُلُوبِكُمۡ خَيۡرٗا يُؤۡتِكُمۡ خَيۡرٗا مِّمَّآ أُخِذَ مِنكُمۡ وَيَغۡفِرۡ لَكُمۡۚ وَٱللَّهُ غَفُورٞ رَّحِيمٞ

Transliteration: (Yaaa aiyuhan Nabiyyu qul liman feee aideekum minal asraaa iny-ya'lamillahu fee quloobikum khairany yu'tikum khayram mimmaaa ukhiza minkum wa yaghfir lakum; wallaahu Ghafoorur Raheem)

ऐ नबी! उन क़ैदियों से कह दीजिए जो तुम्हारे कब्ज़े में हैं: अगर अल्लाह तुम्हारे दिलों में कोई भलाई [157] देखेगा, तो वह तुम्हें उससे बेहतर अता करेगा जो तुमसे लिया गया है, और वह तुम्हें बख़्श देगा। बेशक, अल्लाह ग़फ़ूर और रहीम है [158]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अन्फाल आयत 70 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-अनफ़ाल – आयत 70 की तफ़्सीर

✅ [157] हज़रत अब्बास (रज़ि.) के बारे में नुज़ूल

यह आयत हज़रत अब्बास (रज़ि.) – जो रसूलुल्लाह ﷺ के चाचा थे – के बारे में नाज़िल हुई। वह बद्र में कुफ़्फ़ार के साथ आए और क़ैद कर लिए गए। उनके पास बीस उक़िय्या (करीब 800 दिरहम) सोना था जिसे उन्होंने मक्के से निकलते वक़्त अपनी बीवी उम्मुल-फ़ज़्ल के पास छुपा दिया था। रसूलुल्लाह ﷺ ने इस गुप्त अमानत का ज़िक्र कर के उन्हें हैरान कर दिया, और यह उनके दिल में इस्लाम की सच्चाई का सबूत बन गया।

✅ [158] बेहतर इनाम और मग़फ़िरत का वादा

अल्लाह ने वादा किया कि अगर उनके दिल में सच्ची ख़ैर होगी, तो उनसे लिया गया माल उनसे कहीं बेहतर लौटा दिया जाएगा और उन्हें बख़्श दिया जाएगा। यह वादा पूरा हुआ—जब बहरीन से अस्सी हज़ार दिरहम आए और रसूलुल्लाह ﷺ ने सब तक़सीम कर दिए, तो हज़रत अब्बास (रज़ि.) को इतना माल मिला कि वह उठा न सके। उन्होंने कहा: "अल्लाह ने मुझे उस से कहीं ज़्यादा लौटा दिया जो मुझसे लिया गया था। अब मैं दूसरी चीज़ (मग़फ़िरत) की उम्मीद रखता हूँ।"

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