कुरान - 29:27 सूरह अल-अनकबूत अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

27
وَوَهَبۡنَا لَهُۥٓ إِسۡحَٰقَ وَيَعۡقُوبَ وَجَعَلۡنَا فِي ذُرِّيَّتِهِ ٱلنُّبُوَّةَ وَٱلۡكِتَٰبَ وَءَاتَيۡنَٰهُ أَجۡرَهُۥ فِي ٱلدُّنۡيَاۖ وَإِنَّهُۥ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ لَمِنَ ٱلصَّـٰلِحِينَ

Transliteration: (Wa wahabnaa lahoo Ishaaqa wa Ya'Qooba wa ja'alnaa fee zurriyyatihin Nubuwwata wal Kitaaba wa aatainaahu ajrahoo fid dunyaa wa innahoo fil aakhirati laminas saaliheen)

और हमने उन्हें इसहाक़ [61] और याक़ूब अता फ़रमाए, और हमने उनकी औलाद में नबूवत और किताब रख दी [62], और हमने उन्हें उनका अज्र दुनिया में भी दिया [63]; और बेशक वे आख़िरत में भी सालेहीन (नेक बंदों) में से होंगे [64]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-अनकबूत आयत 27 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-अंकबूत तफ़सीर - आयत 27

"और हमने उन्हें इसहाक़ [61] और याक़ूब अता फ़रमाए, और हमने उनकी औलाद में नबूवत और किताब रख दी [62], और हमने उन्हें उनका अज्र दुनिया में भी दिया [63]; और बेशक वे आख़िरत में भी सालेहीन (नेक बंदों) में से होंगे [64]।"

[61] नेक औलाद की अता

अल्लाह तआला ने हज़रत इब्राहीम को बुढ़ापे में हज़रत इसहाक़ जैसा जलीलुल-क़द्र बेटा और हज़रत याक़ूब जैसा पोता अता फ़रमाया।

[62] नबुव्वत और किताबों का नस्ल में क़ियाम

हज़रत इब्राहीम के बाद जितने भी नबी और आसमानी किताबें (तौरात, ज़बूर, इंजील और क़ुरआन) आईं, वे सब हज़रत इब्राहीम की औलाद में से हुईं, इसीलिए आपको 'अब्बुल-अंबिया' (नबियों का बाप) कहा जाता है।

[63] दुनियावी अज्र व इज़्ज़त

दुनिया में तमाम मजाहिब (मुसलमान, ईसाई, यहूदी) हज़रत इब्राहीम का एहतराम करते हैं और आपका नाम ख़ैर व इज़्ज़त से लिया जाता है।

[64] आख़िरत में आला मक़ाम

आख़िरत में वे सालेहीन और मुक़र्रबीन के सर-ख़ैल और जन्नत के आला दर्जात में फ़ाइज़ होंगे।

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