कुरान - 7:109 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

109
قَالَ ٱلۡمَلَأُ مِن قَوۡمِ فِرۡعَوۡنَ إِنَّ هَٰذَا لَسَٰحِرٌ عَلِيمٞ

Transliteration: (Qaalal mala-u min qawmi Fir'awna inna haazaa lasaahirun 'aleem)

फ़िरऔन की क़ौम के सरदारों ने कहा: "बेशक, यह तो एक बड़ा माहिर जादूगर है" [246]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 109 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-आ'राफ़ – आयत 109 की तफ़्सीर

 

✅ [246] मोज़िज़ों को जादू कहकर झुठलाना

मूसा अलैहिस्सलाम के खुले मोज़िज़े देखने के बावजूद, फ़िरऔन के दरबारियों ने उन्हें जादू का नाम दे दिया। उन्होंने दावा किया कि मूसा ने मिस्र से बाहर रहकर जादू सीखा है, और अब वह एक माहिर जादूगर बनकर लौटा है। यह उनका तकब्बुर और हक़ से इंकार था—वे सच को जान-बूझकर झूठी कहानियों से दबा रहे थे।
इसके उलट, हमारे नबी ﷺ मक्का में ही पूरी ज़िंदगी रहे, ताकि कोई उन पर इल्म छुपकर सीखने का इल्ज़ाम न लगा सके।
यह रवैया दिखाता है कि गुरूर और हठधर्मी इंसान को हक़ की रौशनी देखने से अंधा कर देती है, चाहे वो सच्चाई उसके सामने ही क्यों न हो।

 

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now