कुरान - 7:107 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

107
فَأَلۡقَىٰ عَصَاهُ فَإِذَا هِيَ ثُعۡبَانٞ مُّبِينٞ

Transliteration: (Fa alqaa 'asaahu fa izaa hiya su'baanum mubeen)

फिर मूसा ने अपनी लकड़ी (अस़ा) फेंकी, तो वह फ़ौरन एक साफ़ दिखाई देने वाला अजदहा बन गई [244]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 107 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-आ'राफ़ – आयत 107 की तफ़्सीर

 

✅ [244] अल्लाह का ज़ाहिरी मोज़िज़ा

फ़िरऔन की चुनौती के जवाब में, मूसा अलैहिस्सलाम ने अपना अस़ा फेंका, जो उसी वक़्त ज़िंदा और साफ़ नज़र आने वाला अजदहा बन गया। यह कोई जादू नहीं था—यह एक खुला, ज़ाहिरी मोज़िज़ा था, जो अक़्ल और तर्क से परे था। इस मोज़िज़े ने फ़िरऔन और उसके दरबारियों के दिलों में डर बिठा दिया। यह साबित हुआ कि मूसा कोई जादूगर नहीं, बल्कि अल्लाह के भेजे हुए सच्चे रसूल थे, जिनके साथ रब्बुल आलमीन की ताक़त थी। यह मोज़िज़ा इतना असरदार और हैरतअंगेज़ था कि उसने महल के तकब्बुर को हिला कर रख दिया।

 

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