कुरान - 7:106 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

106
قَالَ إِن كُنتَ جِئۡتَ بِـَٔايَةٖ فَأۡتِ بِهَآ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّـٰدِقِينَ

Transliteration: (Qaala in kunnta ji'ta bi Aayatin fa'tibihaa in kunnta minas saadiqeen)

उसने कहा: "अगर तू कोई निशानी लेकर आया है, तो उसे पेश कर, अगर तू सच्चा है।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 106 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-आ'राफ़ – आयत 106 की तफ़्सीर

 

✅ ज़ाहिरी मोज़िज़ा दिखाने की माँग

इस आयत में फ़िरऔन की घमंडी चुनौती को बयान किया गया है। उसने मूसा अलैहिस्सलाम की सच्चाई और यक़ीन को देखने और सुनने के बावजूद कहा: "अगर सच्चे हो, तो मोज़िज़ा दिखाओ।" यह इनकार करने वालों की आम आदत होती है—वे हक़ को दिल से नहीं, ज़िद और तकब्बुर से देखते हैं। फ़िरऔन को हक़ की तलाश नहीं थी, बल्कि वह मूसा से मज़ाक और इन्कारी अंदाज़ में मोज़िज़ा माँग रहा था।

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