कुरान - 7:108 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

108
وَنَزَعَ يَدَهُۥ فَإِذَا هِيَ بَيۡضَآءُ لِلنَّـٰظِرِينَ

Transliteration: (Wa naza'a yadahoo fa izaa hiya baidaaa'u linnaazireen)

और उन्होंने अपना हाथ अपनी जेब (कंधे के गले) से बाहर निकाला, तो वह देखने वालों को चमकता हुआ सफ़ेद नज़र आया [245]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 108 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-आ'राफ़ – आयत 108 की तफ़्सीर

 

✅ [245] हर दौर के अनुसार दिए गए मोज़िज़े

यह आयत मूसा अलैहिस्सलाम के दूसरे बड़े मोज़िज़े का बयान करती है: उन्होंने जब अपना हाथ बग़ल से निकाला, तो वह तेज़ रौशनी से चमक रहा था, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए। यह मोज़िज़ा महज़ कोई चमत्कार नहीं था—यह मिस्र के उस दौर में फैले जादू के ख़िलाफ़ एक सीधी चुनौती थी। अल्लाह हर नबी को उस दौर की अक़्ली और समाजी ताक़तों के मुताबिक़ मोज़िज़े अता करता है।
मूसा के दौर में जादू आम था, इसलिए उन्हें ऐसे मोज़िज़े मिले जो जादू को मात दे सकें। ईसा अलैहिस्सलाम के दौर में तिब्ब (चिकित्सा) का बोलबाला था, इसलिए वे अंधों को रोशन और मुर्दों को ज़िंदा करने का मोज़िज़ा लेकर आए।
इससे पता चलता है कि इलाही मोज़िज़े इंसानी काबिलियत से कहीं आगे होते हैं और हर दौर में नुबूवत की सच्चाई को साबित करते हैं।

 

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