कुरान - 7:110 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

110
يُرِيدُ أَن يُخۡرِجَكُم مِّنۡ أَرۡضِكُمۡۖ فَمَاذَا تَأۡمُرُونَ

Transliteration: (Yureedu ai yukhrijakum min ardikum famaazaa ta'muroon)

"यह चाहता है कि तुम्हें तुम्हारी ज़मीन से निकाल बाहर करे, तो अब तुम क्या मशविरा देते हो?" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 110 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-आ'राफ़ – आयत 110 की तफ़्सीर

 

✅ हक़ को खतरा बताकर लोगों को भड़काना

फ़िरऔन के सरदारों ने मूसा अलैहिस्सलाम की दावत-ए-हक़ को साज़िश बना कर पेश किया, और कहा कि वो तुम्हें तुम्हारी ज़मीन से बेदख़ल करना चाहता है।
इसका मक़सद था लोगों को डराना और भड़काना, ताकि वो मूसा अलैहिस्सलाम के खिलाफ एकजुट हो जाएँ।
उन्होंने हक़ को सियासी खतरे में बदल दिया और कहा: अब बताओ, क्या हुक्म दिया जाए?
यह आयत दिखाती है कि ज़ालिम हुक्मरान हमेशा सच्चाई को दबाने के लिए इसे खतरा बताकर पेश करते हैं, ताकि अपनी सत्ता और ताक़त बचा सकें।

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