कुरान - 7:12 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

12
قَالَ مَا مَنَعَكَ أَلَّا تَسۡجُدَ إِذۡ أَمَرۡتُكَۖ قَالَ أَنَا۠ خَيۡرٞ مِّنۡهُ خَلَقۡتَنِي مِن نَّارٖ وَخَلَقۡتَهُۥ مِن طِينٖ

Transliteration: (Qaala maa mana'aka allaa tasjuda iz amartuka qaala ana khairum minhu khalaqtanee min naarinw wa khalaqtahoo min teen)

उसने कहा, "तुझे (ऐ इब्लीस) किसने रोका कि तू सज्दा नहीं करता जब मैंने तुझे हुक्म दिया?" उसने कहा, "मैं उससे बेहतर हूँ, तूने मुझे आग से पैदा किया और उसे मिट्टी से पैदा किया" [18]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 12 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-आ'राफ़ – आयत 12 की तफ़्सीर

 

✅ [18] झूठी दलील बनाम अल्लाह का हुक्म

इससे मुराद यह है कि इब्लीस ने यह ग़लत समझ लिया कि आग मिट्टी से बेहतर है, और जो किसी बेहतर चीज़ से पैदा हुआ हो वह भी बेहतर ही होगा। ये दोनों धारणाएँ ग़लत हैं — न आग अपनी अस्ल में मिट्टी से बेहतर है और न ही किसी को बेहतर माने जाने वाले माद्दे से पैदा होना उसे वास्तविक तौर पर बेहतर बना देता है। इस तरह यह बात साफ़ हो गई कि अल्लाह के साफ़-साफ़ हुक्म के मुक़ाबले अपनी निजी राय और क़यास को तर्जीह देना शैतान का काम है।

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