Transliteration: (Qaala yaa Moosaaa innis tafaituka 'alan naasi bi Risaalaatee wa bi kalaamee fakhuz maaa aataituka wa kum minash shaakireen)
इस आयत में अल्लाह ने ऐलान किया कि मूसा (अलैहिस्सलाम) को दो बड़ी नेमतों के लिए चुना गया:
हारून (अ.स.) भी नबी थे, मगर क़ानून-ए-इलाही (तौरात) सिर्फ मूसा (अ.स.) को दिया गया। यह उनकी ख़ास मरतबा (विशेष स्थान) की दलील है।
हज़रत मुहम्मद ﷺ को भी अल्लाह ने मीराज़ की रात अपने दीदार और कलाम से नवाज़ा, लेकिन यह अलग अंदाज़ और अलग मिशन के मुताबिक़ था।
अंत में अल्लाह ने मूसा (अ.स.) को ताकीद की कि इतनी बड़ी नेमत पर हमेशा शुक्र अदा करते रहो, क्योंकि शुक्रगुज़ारी ही अल्लाह की रहमत और इनायत को क़ायम रखती है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat