कुरान - 7:153 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

153
وَٱلَّذِينَ عَمِلُواْ ٱلسَّيِّـَٔاتِ ثُمَّ تَابُواْ مِنۢ بَعۡدِهَا وَءَامَنُوٓاْ إِنَّ رَبَّكَ مِنۢ بَعۡدِهَا لَغَفُورٞ رَّحِيمٞ

Transliteration: (Wallazeena 'amilus saiyiaati summa taaboo min ba'dihaa wa aamanooo inna Rabbaka min ba'dihaa la Ghafoorur Raheem)

और जिन्होंने बुरे काम किए, फिर उसके बाद तौबा कर ली और ईमान ले आए, तो बेशक उसके बाद तुम्हारा रब बख़्शने वाला, मेहरबान है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 153 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-आ‘राफ़ – आयत 153 की तफ़्सीर

✅ तौबा और ईमान पर रहमत

यह आयत उन लोगों के लिए है जिन्होंने गुनाह किए, मगर बाद में सच्चे दिल से तौबा की और ईमान ले आए। अल्लाह तआला उनके गुनाह माफ़ कर देता है और उन पर अपनी रहमत नाज़िल करता है। इससे मालूम हुआ कि चाहे गुनाह कितने भी बड़े क्यों न हों, अगर इंसान तौबा कर ले और ईमान के साथ अल्लाह की तरफ़ रुजू करे तो अल्लाह तआला उसको माफ़ कर देता है और अपनी रहमत में जगह देता है।

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