कुरान - 7:153 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

153
وَٱلَّذِينَ عَمِلُواْ ٱلسَّيِّـَٔاتِ ثُمَّ تَابُواْ مِنۢ بَعۡدِهَا وَءَامَنُوٓاْ إِنَّ رَبَّكَ مِنۢ بَعۡدِهَا لَغَفُورٞ رَّحِيمٞ

अनुवाद -

और जिन्होंने बुरे काम किए, फिर उसके बाद तौबा कर ली और ईमान ले आए, तो बेशक उसके बाद तुम्हारा रब बख़्शने वाला, मेहरबान है।

सूरह अल-आराफ आयत 153 तफ़सीर


📖 सूरा अल-आ‘राफ़ – आयत 153 की तफ़्सीर

✅ तौबा और ईमान पर रहमत

यह आयत उन लोगों के लिए है जिन्होंने गुनाह किए, मगर बाद में सच्चे दिल से तौबा की और ईमान ले आए। अल्लाह तआला उनके गुनाह माफ़ कर देता है और उन पर अपनी रहमत नाज़िल करता है। इससे मालूम हुआ कि चाहे गुनाह कितने भी बड़े क्यों न हों, अगर इंसान तौबा कर ले और ईमान के साथ अल्लाह की तरफ़ रुजू करे तो अल्लाह तआला उसको माफ़ कर देता है और अपनी रहमत में जगह देता है।

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