कुरान - 7:183 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

183
وَأُمۡلِي لَهُمۡۚ إِنَّ كَيۡدِي مَتِينٌ

Transliteration: (Wa umlee lahum; inna kaidee mateen)

और मैं उन्हें मोहलत दूँगा। बेशक मेरी गुप्त योजना सबसे मज़बूत है [417]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 183 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-आ़राफ़ – आयत 183 की तफ़्सीर

✅ [417] मोहलत और अल्लाह की अटल योजना

  1. मोहलत का मक़सद – गुनहगारों को दुनिया की नेमतें मिलना अल्लाह की रज़ामंदी नहीं, बल्कि उनकी सज़ा को देर से लागू करना है।
  2. गुनाह में बढ़ोतरी – मोहलत पाकर इंसान और ज़्यादा हठधर्मी और गुनाह में डूब जाता है।
  3. इलाही योजना की मज़बूती – अल्लाह की छिपी हुई तदबीर सबसे अटल और पक्की है, जिससे कोई बच नहीं सकता।

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