कुरान - 7:190 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

190
فَلَمَّآ ءَاتَىٰهُمَا صَٰلِحٗا جَعَلَا لَهُۥ شُرَكَآءَ فِيمَآ ءَاتَىٰهُمَاۚ فَتَعَٰلَى ٱللَّهُ عَمَّا يُشۡرِكُونَ

Transliteration: (Falammaaa aataahumaa saalihan ja'alaa lahoo shurakaaa'a feemaaa aataahumaa; fata'aalal laahu 'ammaa yushrikoon)

फिर जब उसने उन्हें एक अच्छा बच्चा दिया, तो उन्होंने उसके दिए हुए में उसके साथ साझी ठहरा लिए [442]। हालाँकि अल्लाह उनकी साझेदारी से पाक है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 190 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरा अल-आ'राफ़ – आयत 190 की तफ़्सीर

✅ [443] यह हज़रत आदम व हव्वा के बारे में नहीं

इस आयत में बहुवचन का इस्तेमाल यह साबित करता है कि इसका ताल्लुक हज़रत आदम और हव्वा (अलैहिमस्सलाम) से नहीं है, बल्कि आम मश्रिक माता-पिता से है। नबीगण गुनाह और शिर्क से महफ़ूज़ होते हैं। इसलिए इस आयत में क़ुरैश और उनके बुज़ुर्गों के तौर-तरीक़े का ज़िक्र है, जिन्होंने औलाद मिलने के बाद उनके नाम तक ग़ैर-अल्लाह की ग़ुलामी पर रखे, जैसे: ‘अब्द मनाफ़, ‘अब्दुल उज़्ज़ा, आदि। यह अल्लाह की नेमत का कुफ़्र और शिर्क के साथ जवाब देना था।

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