कुरान - 7:194 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

194
إِنَّ ٱلَّذِينَ تَدۡعُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ عِبَادٌ أَمۡثَالُكُمۡۖ فَٱدۡعُوهُمۡ فَلۡيَسۡتَجِيبُواْ لَكُمۡ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ

Transliteration: (Innal lazeena tad'oona min doonil laahi 'ibaadun amsaalukum fad'oohum fal yastajeeboo lakum in kuntum saadiqeen)

यह जिनको तुम अल्लाह के सिवा पुकारते हो, वे भी तुम्हारी ही तरह बंदे हैं [447]। अतः उन्हें पुकारो और देखो, यदि तुम सच्चे हो तो वे तुम्हें जवाब दें [448]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 194 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरा अल-आ'राफ़ – आयत 194 की तफ़्सीर

✅ [447] झूठे माबूद भी तुम्हारी तरह बंदे हैं

यह आयत बताती है कि जिनकी पूजा अल्लाह के सिवा की जाती है, वे भी मख़लूक़ हैं और किसी तरह से इंसानों से बेहतर नहीं हैं। चाहे वे सितारे, चाँद, पत्थर या मूर्तियाँ हों, वे सब बेबस और अल्लाह के बनाए हुए हैं।

✅ [448] उनकी ताक़त साबित करने की चुनौती

कहा गया कि उन्हें पुकार कर देखो, अगर उनमें कोई इलाही क़ुदरत होती तो वे तुम्हें जवाब देते या तुम्हारी मदद करते। लेकिन चूँकि वे ऐसा नहीं कर सकते, यह साबित करता है कि उनकी इबादत सरासर गुमराही है।

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