कुरान - 7:35 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

35
يَٰبَنِيٓ ءَادَمَ إِمَّا يَأۡتِيَنَّكُمۡ رُسُلٞ مِّنكُمۡ يَقُصُّونَ عَلَيۡكُمۡ ءَايَٰتِي فَمَنِ ٱتَّقَىٰ وَأَصۡلَحَ فَلَا خَوۡفٌ عَلَيۡهِمۡ وَلَا هُمۡ يَحۡزَنُونَ

Transliteration: (Yaa Banee Aadama immaa ya'tiyannakum Rusulum minkum yaqussoona 'alaikum Aayaatee famanit taqaa wa aslaha falaa khawfun 'alaihim wa laa hum yahzanoon)

ऐ आदम की औलाद! अगर तुम्हारे पास तुम्हीं में से ऐसे रसूल आएं जो तुम्हें मेरी आयतें सुनाएं, तो जो कोई तक़्वा इख़्तियार करेगा और अपनी इस्लाह कर लेगा, तो ऐसे लोगों पर न कोई ख़ौफ़ होगा और न वे ग़मगीन होंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 35 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 35

✅ तक़्वा और इस्लाह की बशारत

पैग़म्बरों की दावत पर लब्बैक कहकर परहेज़गारी और अपनी ज़िंदगी की इस्लाह करने वाले आख़िरत के हर ख़ौफ़ व मलाल से महफ़ूज़ रहेंगे।

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