कुरान - 7:43 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

43
وَنَزَعۡنَا مَا فِي صُدُورِهِم مِّنۡ غِلّٖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهِمُ ٱلۡأَنۡهَٰرُۖ وَقَالُواْ ٱلۡحَمۡدُ لِلَّهِ ٱلَّذِي هَدَىٰنَا لِهَٰذَا وَمَا كُنَّا لِنَهۡتَدِيَ لَوۡلَآ أَنۡ هَدَىٰنَا ٱللَّهُۖ لَقَدۡ جَآءَتۡ رُسُلُ رَبِّنَا بِٱلۡحَقِّۖ وَنُودُوٓاْ أَن تِلۡكُمُ ٱلۡجَنَّةُ أُورِثۡتُمُوهَا بِمَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ

Transliteration: (Wa naza'naa maa fee sudoorihim min ghillin tajree min tahtihimul anhaaru wa qaalul hamdu lillaahil lazee hadaanaa lihaaza wa maa kunna linahtadiya law laaa ann hadaanal laahu laqad jaaa'at Rusulu Rabbinaa bilhaqq; wa noodoo an tilkumul jannnatu ooristumoohaa bimaa kuntum ta'maloon)

और जो कुछ उनके सीनों में कीना (रंजिश) था हम उसे निकाल देंगे, उनके नीचे से नहरें बह रही होंगी, और वे कहेंगे: 'तमाम तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं जिसने हमें इस (मक़ाम) की हिदायत बख़्शी, और अगर अल्लाह हमें हिदायत न देता तो हम कभी हिदायत न पा सकते; बेशक हमारे रब के रसूल हक़ लेकर आए थे'; और उन्हें पुकार कर कहा जाएगा: 'यह वह जन्नत है जिसके तुम अपने आमाल के बदले वारिस बनाए गए हो।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 43 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 43

✅ सीनों से कीने का ख़ात्मा और शुक्रगुज़ारी

जन्नत में दाख़िल होने से पहले अहले ईमान के दिलों से हर क़िस्म की रंजिश व मैल निकाल दिया जाएगा और वे अपने रब के फ़ज़्ल व करम पर उसका शुक्र बजा लाएंगे।

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