कुरान - 7:45 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

45
ٱلَّذِينَ يَصُدُّونَ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ وَيَبۡغُونَهَا عِوَجٗا وَهُم بِٱلۡأٓخِرَةِ كَٰفِرُونَ

Transliteration: (Allazeena yasuddoona 'an sabeelil laahi wa yabghoo nahaa 'iwajanw wa hum bil Aakhirati kaafiroon)

'जो अल्लाह की राह से रोकते थे और उसमें टेढ़ तलाश करते थे, और वे आख़िरत का इनकार करने वाले थे।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 45 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 45

✅ ज़ालिमों के औसाफ़

वे दुनिया में राहे हक़ से लोगों को रोकते थे, दीन में ख़ामियां ढूंढते थे और मरने के बाद दोबारा जी उठने का इनकार करते थे।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now