कुरान - 7:47 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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۞وَإِذَا صُرِفَتۡ أَبۡصَٰرُهُمۡ تِلۡقَآءَ أَصۡحَٰبِ ٱلنَّارِ قَالُواْ رَبَّنَا لَا تَجۡعَلۡنَا مَعَ ٱلۡقَوۡمِ ٱلظَّـٰلِمِينَ

Transliteration: (Wa izaa surifat absaaruhum tilqaaa'a Ashaabin Naari qaaloo Rabbanaa laa taj'alnaa ma'al qawmiz zaalimeen)

और जब उनकी निगाहें दोज़ख़ वालों की तरफ़ फेरी जाएंगी तो वे कहेंगे: 'ऐ हमारे रब! हमें ज़ालिम लोगों के साथ न शामिल फ़रमाना!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 47 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 47

✅ दोज़ख़ से पनाह की दुआ

आअराफ़ वाले जब जहन्नम के हौलनाक अज़ाब को देखेंगे तो लरज़ उठेंगे और अल्लाह की पनाह मांगेंगे कि हमें इन ज़ालिमों के साथ न रखना।

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