कुरान - 7:52 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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وَلَقَدۡ جِئۡنَٰهُم بِكِتَٰبٖ فَصَّلۡنَٰهُ عَلَىٰ عِلۡمٍ هُدٗى وَرَحۡمَةٗ لِّقَوۡمٖ يُؤۡمِنُونَ

Transliteration: (Wa laqad ji'naahum bi Kitaabin fassalnaahu 'alaa 'ilmin hudanw wa rahmatal liqawminy-yu'minoon)

और बेशक हम उनके पास ऐसी किताब लाए जिसे हमने कामिल इल्म के साथ तफ़्सील से बयान फ़रमाया, जो ईमान लाने वाले लोगों के लिए हिदायत और रहमत है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 52 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 52

✅ क़ुरआने हकीम का कामिल इल्म

क़ुरआन में इंसानी ज़िंदगी और आख़िरत के तमाम ज़रूरी हक़ाएक़ को अल्लाह के अज़ीम इल्म व हिकमत के साथ वाज़ेह तौर पर बयान किया गया है।

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