कुरान - 7:59 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

59
لَقَدۡ أَرۡسَلۡنَا نُوحًا إِلَىٰ قَوۡمِهِۦ فَقَالَ يَٰقَوۡمِ ٱعۡبُدُواْ ٱللَّهَ مَا لَكُم مِّنۡ إِلَٰهٍ غَيۡرُهُۥٓ إِنِّيٓ أَخَافُ عَلَيۡكُمۡ عَذَابَ يَوۡمٍ عَظِيمٖ

Transliteration: (Laqad arsalnaa noohan ilaa qawmihee faqaala yaa qawmi' budul laaha maa lakum min ilaahin ghairuhoo inneee akhaafu 'alaikum 'azaaba Yawmin 'Azeem)

बेशक हमने नूह को उनकी क़ौम की तरफ़ भेजा, तो उन्होंने कहा: 'ऐ मेरी क़ौम! अल्लाह की इबादत करो, उसके सिवा तुम्हारा कोई माबूद नहीं; बेशक मुझे तुम पर एक बड़े दिन के अज़ाब का ख़ौफ़ है।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 59 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 59

✅ हज़रत नूह (अलै.) की दावते तौहीद

हज़रत नूह (अलै.) ने अपनी क़ौम को ख़ालिस तौहीद की दावत दी और बुतों की परस्तिश छोड़कर एक अल्लाह की बंदगी का हुक्म फ़रमाया।

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