कुरान - 7:66 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

66
قَالَ ٱلۡمَلَأُ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ مِن قَوۡمِهِۦٓ إِنَّا لَنَرَىٰكَ فِي سَفَاهَةٖ وَإِنَّا لَنَظُنُّكَ مِنَ ٱلۡكَٰذِبِينَ

Transliteration: (Qaalal mala ul lazeena kafaroo min qawmiheee innaa lanaraaka fee safaahatinw wa innaa la nazunnuka minal kaazibeen)

उनकी क़ौम के काफ़िर सरदारों ने कहा: 'बेशक हम तुम्हें बेवक़ूफ़ पाते हैं और हम तुम्हें यक़ीनन झूठा समझते हैं।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 66 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 66

✅ क़ौमे आद के सरदारों की बदज़बानी

क़ौमे आद के मुतकब्बिर सरदारों ने हज़रत हूद (अलै.) की दावत को ठुकरा कर उन पर हिमाक़त और झूठ का इल्ज़ाम लगाया।

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