कुरान - 7:64 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

64
فَكَذَّبُوهُ فَأَنجَيۡنَٰهُ وَٱلَّذِينَ مَعَهُۥ فِي ٱلۡفُلۡكِ وَأَغۡرَقۡنَا ٱلَّذِينَ كَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَآۚ إِنَّهُمۡ كَانُواْ قَوۡمًا عَمِينَ

Transliteration: (Fakazzaboohu fa anjai naahu wallazeena ma'ahoo fil fulki wa aghraqnal lazeena kazzaboo bi Aayaatinaa; innahum kaanoo qawman 'ameen)

तो उन्होंने उन्हें झुठला दिया, पस हमने उन्हें और जो लोग उनके साथ कश्ती में थे बचा लिया और उन लोगों को डुबो दिया जिन्होंने हमारी आयतों को झुठलाया था; बेशक वे अंधे लोग थे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 64 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 64

✅ तूफ़ाने नूह और मुनकिरीन का ग़र्क़ होना

सरकशी की पादाश में तूफ़ाने नूह आया जिसमें मुनकिरीन ग़र्क़ाब कर दिए गए और हज़रत नूह व अहले ईमान कश्ती के ज़रिए महफ़ूज़ रहे।

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