कुरान - 7:65 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

65
۞وَإِلَىٰ عَادٍ أَخَاهُمۡ هُودٗاۚ قَالَ يَٰقَوۡمِ ٱعۡبُدُواْ ٱللَّهَ مَا لَكُم مِّنۡ إِلَٰهٍ غَيۡرُهُۥٓۚ أَفَلَا تَتَّقُونَ

Transliteration: (Wa ilaa 'aadin akhaahum Hoodaa; qaala yaa qawmi' budul laaha maa lakum min ilaahin ghairuh; afalaa tattaqoon)

और क़ौमे आद की तरफ़ उनके भाई हूद को भेजा; उन्होंने कहा: 'ऐ मेरी क़ौम! अल्लाह की इबादत करो, उसके सिवा तुम्हारा कोई माबूद नहीं; तो क्या तुम डरते नहीं?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 65 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 65

✅ हज़रत हूद (अलै.) और क़ौमे आद

हज़रत हूद (अलै.) ने क़ौमे आद को शिर्क छोड़कर एक अल्लाह की बंदगी और तक़्वा इख़्तियार करने की दावत दी।

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