कुरान - 7:67 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

67
قَالَ يَٰقَوۡمِ لَيۡسَ بِي سَفَاهَةٞ وَلَٰكِنِّي رَسُولٞ مِّن رَّبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ

Transliteration: (Qaala yaa qawmi laisa bee safaahatunw wa laakinnee Rasoolum mir Rabbil 'aalameen)

उन्होंने कहा: 'ऐ मेरी क़ौम! मुझमें कोई बेवक़ूफ़ी नहीं है बल्कि मैं तो तमाम जहानों के रब का रसूल हूं।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 67 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 67

✅ हज़रत हूद (अलै.) का पुरवक़ार जवाब

अल्लाह के नबी ने उनकी गालियों का जवाब गाली से नहीं दिया बल्कि शराफ़त व हिकमत से अपनी रिसालत की हक़ीक़त बयान फ़रमाई।

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