कुरान - 7:69 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

69
أَوَعَجِبۡتُمۡ أَن جَآءَكُمۡ ذِكۡرٞ مِّن رَّبِّكُمۡ عَلَىٰ رَجُلٖ مِّنكُمۡ لِيُنذِرَكُمۡۚ وَٱذۡكُرُوٓاْ إِذۡ جَعَلَكُمۡ خُلَفَآءَ مِنۢ بَعۡدِ قَوۡمِ نُوحٖ وَزَادَكُمۡ فِي ٱلۡخَلۡقِ بَصۜۡطَةٗۖ فَٱذۡكُرُوٓاْ ءَالَآءَ ٱللَّهِ لَعَلَّكُمۡ تُفۡلِحُونَ

Transliteration: (Awa 'ajibtum an jaaa'akum zikrum mir Rabbikum 'alaa rajulim minkum liyunzirakum; wazkurooo iz ja'alakum khulafaaa'a mim ba'di qawmi noohinw wa zaadakum filkhalqi bastatan fazkurooo aalaaa'al laahi la'allakum tuflihoon)

'क्या तुम्हें इस बात पर ताज्जुब हुआ कि तुम्हारे पास तुम्हारे रब की तरफ़ से तुम्हीं में से एक मर्द के ज़रिए नसीहत आई ताकि वह तुम्हें डराए? और याद करो जब उसने तुम्हें क़ौमे नूह के बाद जानशीन बनाया और डील-डौल (जिस्मानी ताक़त) में तुम्हें बहुत बढ़ाया; पस अल्लाह की नेअमतों को याद करो ताकि तुम फ़लाह पाओ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 69 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 69

✅ क़ौमे आद की जिस्मानी ताक़त

क़ौमे आद के लोग बहुत ताक़तवर और लंबे-चौड़े क़द-काठ के थे। हूद (अलै.) ने उन्हें नेअमतों की याद दिलाकर शुक्रगुज़ारी की दावत दी।

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