कुरान - 7:70 सूरह अल-आराफ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

70
قَالُوٓاْ أَجِئۡتَنَا لِنَعۡبُدَ ٱللَّهَ وَحۡدَهُۥ وَنَذَرَ مَا كَانَ يَعۡبُدُ ءَابَآؤُنَا فَأۡتِنَا بِمَا تَعِدُنَآ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّـٰدِقِينَ

Transliteration: (Qaalooo aji'tanaa lina'budal laaha wahdahoo wa nazara maa kaana ya'budu aabaaa'unaa fa'tinaa bimaa ta'idunaaa in kunta minas saadiqeen)

उन्होंने कहा: 'क्या तुम हमारे पास इसलिए आए हो कि हम सिर्फ़ एक अल्लाह की इबादत करें और उन्हें छोड़ दें जिन्हें हमारे बाप-दादा पूजते थे? तो ले आओ हम पर वह (अज़ाब) जिसका तुम हमसे वादा करते हो अगर तुम सचों में से हो!' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-आराफ आयत 70 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-आअराफ़ - आयत 70

✅ क़ौमे आद की हठधर्मी और मुतालबा-ए-अज़ाब

बाप-दादा के शिर्क पर घमंड करते हुए उन्होंने तौहीद का इनकार किया और गुस्ताख़ी से अज़ाब लाने का मुतालबा कर दिया।

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