Transliteration: (Wa aqeemus salaata wa aatuz zakaah; wa maa tuqaddimoo li anfusikum min khairin tajidoohu 'indal laah; innal laaha bimaa ta'maloona baseer)
🕋 नमाज़ अल्लाह की तरफ़ से एक मुबारक सौग़ात है,
जिसके ज़रिए बंदा सीधा अल्लाह से रूहानी रिश्ता जोड़ता है।
📖 हदीस में आता है कि:
"क़यामत के दिन नेकियाँ एक खूबसूरत शक्ल में इंसान के सामने आएँगी —
जो उसे दिली सुकून देंगी।"
🕊️ जारी रहनी वाली नेकी (सदक़ा-ए-जारीया) के मिसालें:
📌 ये सब नेकियाँ मौत के बाद भी सवाब देती हैं,
क्योंकि उन्हें ज़िंदगी में शुरू किया गया और लोगों को उनका फ़ायदा मिलता रहा।
🤲 और अगर कोई ज़िंदा इंसान, नेक अमल करके मरहूम की रूह को ईसाल-ए-सवाब करे,
तो उसे भी क़ुबूल किया जाता है — ये इस्लामी रवायत है और साबित अमल है।
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