Transliteration: (Wa laa taakuloo amwaalakum bainakum bilbaatili wa tudloo bihaaa ilal hukkaami litaakuloo fareeqam min amwaalin naasi bil ismi wa antum ta'lamoon)
हराम तरीकों से कमाई मना है:
इस आयत का पहला हिस्सा बताता है कि दूसरे का माल नाजायज़ तरीके से लेना या खाना हराम है। इसमें शामिल हैं:
👉 अल्लाह ने साफ़ कहा कि माल सिर्फ़ हलाल तरीके से कमाया और खाया जाए।
रिश्वत देना और लेना — दोनों गुनाह हैं:
इस हिस्से में हुकूमत या अदालत तक रिश्वत पहुँचाने की मुमानअत (मनाही) है ताकि:
✅ रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया: "रिश्वत देने वाला और लेने वाला — दोनों जहन्नम के हक़दार हैं।"
👉 इस आयत में रिश्वत के ज़रिए सिस्टम में करप्शन फैलाने से मना किया गया है।
इल्म के साथ गुनाह — बड़ा गुनाह:
अल्लाह ने कहा कि तुम जानते हो ये हराम है, फिर भी ऐसा करते हो।
यानी:
👉 इसलिए मुसलमान को चाहिए कि अपने हर अमल में सचाई, अमानतदारी और हलाल रोज़ी को तरजीह दे।
इस आयत में अल्लाह ने हमें दूसरे का माल हराम तरीके से खाने, रिश्वत देने या लेने, और झूठे फैसले करवाकर किसी का हक़ छीनने से रोका है — खासतौर पर जब हम जानते हों कि ये गुनाह है।
इसका मक़सद है कि समाज में इंसाफ, अमानत और परहेज़गारी को कायम किया जाए।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat