Transliteration: (Masalul lazeena yunfiqoona amwaalahum fee sabeelil laahi kamasali habbatin ambatat sab'a sanaabila fee kulli sumbulatim mi'atu habbah; wallaahu yudaa'ifu limai yashaaa; wallaahu Waasi'un 'Aleem)
[683] चैरिटी में अनिवार्य और स्वैच्छिक कार्य दोनों शामिल हैं
[684] अनाज और सात डंठलों का प्रतीकवाद
[685] अल्लाह के अनुसार पुरस्कार में वृद्धि
इस आयत से हमें यह शिक्षा मिलती है कि अल्लाह के मार्ग में खर्च किया गया हर रूपया, चाहे वह ज़कात हो, स्वैच्छिक सदक़ा हो, या किसी मृतक के लिए धन दान हो, का विशेष महत्व है। इसके अलावा, यह आयत यह भी दर्शाती है कि अल्लाह अपने इनाम को सिर्फ मात्रा के आधार पर नहीं, बल्कि नियत, सच्चाई और प्रेरणा के आधार पर बढ़ाते हैं। सच्चे इरादे और निष्ठा किसी भी कार्य की सफलता और पुरस्कार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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