कुरान - 2:279 सूरह अल-बक़रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

279
فَإِن لَّمۡ تَفۡعَلُواْ فَأۡذَنُواْ بِحَرۡبٖ مِّنَ ٱللَّهِ وَرَسُولِهِۦۖ وَإِن تُبۡتُمۡ فَلَكُمۡ رُءُوسُ أَمۡوَٰلِكُمۡ لَا تَظۡلِمُونَ وَلَا تُظۡلَمُونَ

Transliteration: (Fail lam taf'aloo faazanoo biharbim minal laahi wa Rasoolihee wa in tubtum falakum ru'oosu amwaalikum laa tazlimoona wa laa tuzlamoon)

फिर अगर तुम ऐसा न करो (सूद न छोड़ो), तो अल्लाह और उसके रसूल की तरफ़ से जंग का एलान सुन लो! और अगर तुम तौबा कर लो तो तुम्हारे लिए तुम्हारा असल माल (पूंजी) है; न तुम किसी पर ज़ुल्म करो और न तुम पर ज़ुल्म किया जाए। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-बक़रा आयत 279 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह अल-बक़रह - आयत 279

✅ सूदखोरों के ख़िलाफ़ अज़ाब व जंग का एलान

इस्लाम में सूदख़ोरी इतना बड़ा जुर्म है कि इसके मुर्तकिब के ख़िलाफ़ अल्लाह और उसके रसूल की तरफ़ से जंग का एलान है। तौबा करने पर सिर्फ़ असल रक़म लेने की इजाज़त है।

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