Transliteration: (Wattaqoo Yawmal laa tajzee nafsun 'an nafsin shai'anw wa laa yuqbalu minhaa shafaa'atunw wa laa yu'khazu minhaa 'adlunw wa laa hum yunsaroon)
इस आयत में जो सिफारिश और मदद की मनाही है, वह काफ़िरों के लिए है। क़यामत के दिन न उन्हें कोई सहारा मिलेगा, न सिफारिश मानी जाएगी, न कोई फ़िदया उन्हें बचा सकेगा।
लेकिन यह उन आयात से टकराती नहीं जो ईमान वालों के लिए शफ़ाअत (सिफारिश) की इजाज़त देती हैं।
जो लोग अल्लाह और उसके रसूलों पर ईमान लाए—even अगर गुनाहगार हों—उन्हें अल्लाह की इजाज़त से हुज़ूर ﷺ, नेक बंदों और औलियाओं की सिफारिश का फ़ायदा मिलेगा।
कुछ काफ़िरों को जहन्नम में डाला जाएगा ताकि कुछ मोमिनों को उनके बदले से निजात दी जाए—यह अल्लाह की रहमत का एक जलवा है।
इस आयत में काफ़िरों की मायूसी और मोमिनों के लिए रहमत की उम्मीद का साफ़ फर्क बयान किया गया है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat