कुरान - 2:52 सूरह अल-बक़रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

52
ثُمَّ عَفَوۡنَا عَنكُم مِّنۢ بَعۡدِ ذَٰلِكَ لَعَلَّكُمۡ تَشۡكُرُونَ

Transliteration: (Summa 'afawnaa 'ankum mim ba'di zaalika la'allakum tashkuroon)

[52] फिर हमने इसके बाद तुम्हें माफ़ कर दिया, ताकि तुम शुक्रगुज़ार बनो। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-बक़रा आयत 52 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

🔹 माफ़ी और शुक्र की शिक्षा

इस आयत में अल्लाह ने बनी इस्राईल की भारी गलती (बछड़े की पूजा) के बावजूद उन्हें माफ़ कर दिया — ये अल्लाह की रहमत और बख़्शिश का साफ़ सबूत है।
माफ़ी का मक़सद सिर्फ़ राहत देना नहीं, बल्कि उन्हें शुक्रगुज़ार बनाना था।
असली बंदगी ये है कि जब अल्लाह तुम्हें गुनाह के बाद माफ़ करे, तो तुम और ज़्यादा आज्ञाकारी और कृतज्ञ बनो।

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