Transliteration: (Summa ba'asnaakum mim ba'di mawtikum la'allakum tashkuroon)
हज़रत मूसा ने अल्लाह से दुआ की कि इन 70 लोगों को दुबारा ज़िंदगी अता फ़रमा दे, वरना बनी इस्राईल उन्हें इनकी मौत का इल्ज़ाम देंगे।
अल्लाह ने हज़रत मूसा की दुआ कुबूल की और उन्हें ज़िंदा कर दिया।
इस वाक़ये से मालूम होता है कि नेक बंदों की दुआ में बहुत ताक़त होती है — यहां तक कि वो मुर्दों को भी ज़िंदा करवा सकती है।
इन 70 लोगों की उम्र पूरी हो चुकी थी, और वो मरे थे। लेकिन हज़रत मूसा की दुआ से उन्हें नई ज़िंदगी मिली।
इससे ये भी साबित होता है कि नेक लोगों की दुआ से तक़दीर तक बदल सकती है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat