कुरान - 2:82 सूरह अल-बक़रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

82
وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّـٰلِحَٰتِ أُوْلَـٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلۡجَنَّةِۖ هُمۡ فِيهَا خَٰلِدُونَ

Transliteration: (Wallazeena aamanoo wa 'amilus saalihaati ulaaa'ika Ashaabul Jannati hum feeha khaalidoon)

[82] और जो लोग ईमान लाए और नेक काम किए [148], वे जन्नत वाले हैं, वे उसमें हमेशा रहेंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-बक़रा आयत 82 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

[148]

सच्चा ईमान और अच्छे अमल जन्नत की कुंजी हैं:
इस आयत में बताया गया है कि जो लोग सच्चे दिल से ईमान लाते हैं और नेक काम करते हैं, उनके लिए जन्नत का वादा है, जहाँ वे हमेशा रहेंगे। अगर किसी को अच्छे अमल करने का मौक़ा न मिले लेकिन वह सच्चे दिल से ईमान लाया हो, तो केवल ईमान भी नजात (छुटकारा) के लिए काफ़ी हो सकता है — जैसे कि शहादत से पहले मुसलमान बनने वाला व्यक्ति, या वह जो इस्लाम कबूल कर के जल्द ही दुनिया से चला जाए।

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