कुरान - 113:2 सूरह अल-फ़लक़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

2
مِن شَرِّ مَا خَلَقَ

Transliteration: (Min sharri maa khalaq)

2.हर मख़लूक़ (सजीव प्राणी) की शरारत से पनाह मांगता हूं।[3] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-फ़लक़ आयत 2 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

3. चाहे वो जिन्न हो, इंसान हो, या जानवर।

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