Transliteration: (Wa min sharri haasidin izaa hasad )
ईर्ष्यालु (envious) व्यक्ति वह है जो दूसरों की नेमतों (बातों) के घटने की तमन्ना (wish) करता है, जबकि घ़बत (Ghabata) उस व्यक्ति को कहते हैं जो दूसरों के पास जो नेमतें हैं, वह खुद के लिए चाहता है, बिना उन्हें नुक़सान (harm) पहुँचाए। ईर्ष्या पूरी तरह से बुरी है, जबकि घ़बत धर्म (religion) के मामलों में जायज़ (permissible) है। ईर्ष्या वह पहला गुनाह (sin) है जो जन्नत में शैतान द्वारा और धरती पर क़ाबील (क़ाबिल) द्वारा हुआ। इसके परिणाम (consequences) सभी को मालूम हैं।
इससे हमें यह सिखने को मिलता है कि जादू और ईर्ष्या दोनों ही सबसे बड़े गुनाह हैं। आम गुनाहों का ज़िक्र करने के बाद, इन दोनों को उनकी गंभीरता (severity) और नुकसानदेह (harmful) असर के कारण ख़ास तौर पर उल्लेखित किया गया है।
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