कुरान - 22:14 सूरह अल-हज् अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

14
إِنَّ ٱللَّهَ يُدۡخِلُ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّـٰلِحَٰتِ جَنَّـٰتٖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُۚ إِنَّ ٱللَّهَ يَفۡعَلُ مَا يُرِيدُ

Transliteration: (Innal laaha yudkhilul lazeena aamanoo wa 'amilus saalihaati jannaatin tajree min tahtihal anhaar; innal laaha yaf'alu maa yureed)

14. बेशक अल्लाह उन लोगों को जो ईमान लाए और उन्होंने नेक आमाल किए ऐसे बाग़ात में दाख़िल फ़रमाएगा जिनके नीचे नहरें बहती होंगी [33]; बेशक अल्लाह जो चाहता है कर डालता है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हज् आयत 14 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हज्ज — आयत 14 की तफ़सीर

"बेशक अल्लाह उन लोगों को जो ईमान लाए और उन्होंने नेक आमाल किए ऐसे बाग़ात में दाख़िल फ़रमाएगा जिनके नीचे नहरें बहती होंगी [33]; बेशक अल्लाह जो चाहता है कर डालता है।"

[33] अहले ईमान के लिए जन्नत की नेअमतें

अल्लाह तआला सच्चे मोमिनों और नेककार बंदों को जन्नत के उन सरसब्ज़ बाग़ात में दाख़िल फ़रमाएगा जहाँ दूध, शहद, पानी और शराब-ए-तहूर की नहरें जारी होंगी। अल्लाह अपने वादे के मुताबिक़ जो चाहता है कर गुज़रता है।

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