Transliteration: (Man kaana yazunnu allai yansurahul laahu fid dunyaa wal aakhirati fal yamdud bisababin ilas samaaa'i summal yaqta' falyanzur hal yuzhibanna kaiduhoo maa yagheez)
"जो शख़्स यह गुमान रखता हो कि अल्लाह दुनिया और आख़िरत में अपने रसूल की हरगिज़ मदद नहीं फ़रमाएगा [34], तो उसे चाहिए कि छत से एक रस्सी ताने, फिर (गला घोंटकर) अपनी सांस काट ले; फिर देखे कि क्या उसकी यह तदबीर उस चीज़ को दूर कर सकती है जिससे वह जल-भुन रहा है [35]?"
अल्लाह तआला ने अपने हबीब मुहम्मद मुस्तफ़ा (ﷺ) की मदद का दायमी वादा फ़रमाया है — दुनिया में इस्लाम के ग़लबे और इज्ज़त के ज़रिये, और आख़िरत में शफ़ाअते कुबरा और मक़ामे महमूद के ज़रिये।
जो काफ़िर हुज़ूर (ﷺ) की कामयाबी और नुसरत से जलते हैं, उनसे फ़रमाया गया कि अगर तुम से यह बर्दाश्त नहीं होता, तो छत से फंदा लगाकर अपनी जान दे दो; क्या तुम्हारी यह खुदकुशी अल्लाह की उस मदद को रोक सकती है? हरगिज़ नहीं! हुज़ूर (ﷺ) का दीन हमेशा सरबुलन्द रहेगा।
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