कुरान - 22:12 सूरह अल-हज् अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

12
يَدۡعُواْ مِن دُونِ ٱللَّهِ مَا لَا يَضُرُّهُۥ وَمَا لَا يَنفَعُهُۥۚ ذَٰلِكَ هُوَ ٱلضَّلَٰلُ ٱلۡبَعِيدُ

Transliteration: (Yad'oo min doonil laahi maa laa yadurruhoo wa maa laa yanfa'uh' zaalika huwad dalaalul ba'ed)

12. वह अल्लाह के सिवा ऐसी चीज़ को पुकारता है जो न उसे कोई नुक़्सान पहुंचा सके और न उसे कोई नफ़ा दे सके [31]; यही तो दूर की गुमराही है! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हज् आयत 12 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हज्ज — आयत 12 की तफ़सीर

"वह अल्लाह के सिवा ऐसी चीज़ को पुकारता है जो न उसे कोई नुक़्सान पहुंचा सके और न उसे कोई नफ़ा दे सके [31]; यही तो दूर की गुमराही है!"

[31] बेबस बुतों की पूजा: अक़्ल का दिवालियापन

वह सच्चे ख़ालिक़ को छोड़कर ऐसे पत्थरों और मख़लूक़ात को माबूद बनाता है जो न किसी नफ़े की मालिक हैं और न किसी नुक़्सान की। सच्चे रब को छोड़कर बे-जान पत्थरों से उम्मीदें बांधना इन्तेहाई दर्जे की गुमराही है।

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