कुरान - 22:10 सूरह अल-हज् अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

10
ذَٰلِكَ بِمَا قَدَّمَتۡ يَدَاكَ وَأَنَّ ٱللَّهَ لَيۡسَ بِظَلَّـٰمٖ لِّلۡعَبِيدِ

Transliteration: (Zaalika bimaa qaddamat yadaaka wa annal laaha laisa bizallaamil lil'abeed (section 1))

10. (उससे कहा जाएगा) 'यह उसका बदला है जो तेरे हाथों ने पहले भेजा था [27], और बेशक अल्लाह बन्दों पर ज़रा भी ज़ुल्म करने वाला नहीं है।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हज् आयत 10 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हज्ज — आयत 10 की तफ़सीर

"(उससे कहा जाएगा) 'यह उसका बदला है जो तेरे हाथों ने पहले भेजा था [27], और बेशक अल्लाह बन्दों पर ज़रा भी ज़ुल्म करने वाला नहीं है।'"

[27] अपने आमाल का अज़ाब और अदले इलाही

जहन्नम में काफ़िर से कहा जाएगा कि यह अज़ाब तेरे अपने कुफ़्र, गुनाहों और बद-आमालियों का नतीजा है। अल्लाह किसी पर ज़ुल्म नहीं फ़रमाता; बंदे अपने करतूतों की वजह से खुद अज़ाब के मुस्तहिक़ बनते हैं।

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