Transliteration: (Saaniya 'itfihee liyudilla 'an sabeelil laahi lahoo fiddun yaa khizyunw wa nuzeequhoo Yawmal Qiyaamati 'azaabal lhareeq)
"अपनी गर्दन को अकड़ाते हुए [25] (तकब्बुर से मुंह मोड़ते हुए) ताकि अल्लाह की राह से भटका दे; उसके लिए दुनिया में भी रुसवाई है [26] और क़ियामत के दिन हम उसे भड़कती हुई आग का अज़ाब चखाएंगे।"
वह शख़्स ग़ुरूर में अपनी गर्दन मोड़कर तकब्बुर से चलता है और दूसरों को भी हक़ से रोकने और भटकाने की साज़िशें करता है।
ऐसे सरकश मुनकिर के लिए दुनिया में भी ज़िल्लत व रुस्वाई (जैसे जंगे बद्र में क़त्ल होना या बे-आबरू होना) मुक़द्दर है, और क़ियामत के दिन उसे जहन्नम की भड़कती हुई आग का दर्दनाक अज़ाब चखाया जाएगा।
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