कुरान - 22:9 सूरह अल-हज् अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

9
ثَانِيَ عِطۡفِهِۦ لِيُضِلَّ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِۖ لَهُۥ فِي ٱلدُّنۡيَا خِزۡيٞۖ وَنُذِيقُهُۥ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ عَذَابَ ٱلۡحَرِيقِ

Transliteration: (Saaniya 'itfihee liyudilla 'an sabeelil laahi lahoo fiddun yaa khizyunw wa nuzeequhoo Yawmal Qiyaamati 'azaabal lhareeq)

9. अपनी गर्दन को अकड़ाते हुए [25] (तकब्बुर से मुंह मोड़ते हुए) ताकि अल्लाह की राह से भटका दे; उसके लिए दुनिया में भी रुसवाई है [26] और क़ियामत के दिन हम उसे भड़कती हुई आग का अज़ाब चखाएंगे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हज् आयत 9 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हज्ज — आयत 9 की तफ़सीर

"अपनी गर्दन को अकड़ाते हुए [25] (तकब्बुर से मुंह मोड़ते हुए) ताकि अल्लाह की राह से भटका दे; उसके लिए दुनिया में भी रुसवाई है [26] और क़ियामत के दिन हम उसे भड़कती हुई आग का अज़ाब चखाएंगे।"

[25] तकब्बुर और हक़ से एअराज़

वह शख़्स ग़ुरूर में अपनी गर्दन मोड़कर तकब्बुर से चलता है और दूसरों को भी हक़ से रोकने और भटकाने की साज़िशें करता है।

[26] दुनियावी ज़िल्लत और उख़रवी अज़ाब

ऐसे सरकश मुनकिर के लिए दुनिया में भी ज़िल्लत व रुस्वाई (जैसे जंगे बद्र में क़त्ल होना या बे-आबरू होना) मुक़द्दर है, और क़ियामत के दिन उसे जहन्नम की भड़कती हुई आग का दर्दनाक अज़ाब चखाया जाएगा।

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