Transliteration: (Wa lahum maqaami'u min hadeed)
"और उनके लिए (सज़ा देने के वास्ते) लोहे के हथौड़े (गुर्ज़) होंगे [45] ।"
यह आयत मुनकिरीन और कुफ़्फ़ार के लिए दोज़ख़ के अज़ाब की एक और होलनाक तफ़सील बयान करती है:
उन्हें आग का लिबास पहनाया जाएगा।
उनके सरों पर खौलता हुआ पानी डाला जाएगा।
और उन्हें लोहे के भारी हथौड़ों (गुर्ज़ों) से मारा जाएगा ताकि उनकी ज़िल्लत और अज़ाब की शिद्दत और बढ़ जाए।
यह सख़्त अज़ाब ख़ास उन काफ़िरों के लिए है जिन्होंने हक़ का जानबूझकर इनकार किया। गुनाहगार मोमिनीन अगर गुनाहों की पादाश में कुछ वक़्त के लिए जहन्नम में जाएंगे भी, तो वह हमेशा के लिए नहीं बल्कि जैसे आग में सोना तपकर कुंदन बनता है, वैसे ही पाक होकर बिल-आख़िर अल्लाह के फ़ज़्ल व शफ़ाअत से निजात पा लेंगे। अल्लाह तआला हमें इस दर्दनाक अज़ाब से महफ़ूज़ रखे!
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