Transliteration: (Innal laaha yudkhilul lazeena aamanoo wa 'amilus saalihaati jannaatin tajree min tahtihal anhaaru yuhallawna feehaa min asaawira min zahabinw wa lu'lu'aa; wa libaasuhum feehaa hareer)
"बेशक अल्लाह उन लोगों को जो ईमान लाए और उन्होंने नेक आमाल किए ऐसे बाग़ात में दाख़िल फ़रमाएगा जिनके नीचे नहरें बहती होंगी [47]; वहाँ उन्हें सोने के कंगन और मोती पहनाए जाएंगे [48], और वहाँ उनका लिबास रेशम होगा।"
जहन्नम के अज़ाब के मुक़ाबले में मोमिनीन के लिए जन्नत की अज़ीम नेमतों का ज़िक्र फ़रमाया गया। वे ऐसे बाग़ात में होंगे जिनके नीचे मुतअद्दिद नहरें जारी होंगी—निहायत पाकीज़ा पानी की, दूध की, खालिस शहद की और ऐसी पाक शराब की जिसमें न कोई नशा होगा और न कोई ख़राबी।
जन्नतियों को इज़्ज़त व तकरीम के तौर पर सोने और मोतियों के कंगन पहनाए जाएंगे। हदीस शरीफ़ में आता है कि मोमिन के ज़ेवर वहाँ तक पहुंचेंगे जहाँ तक वज़ू का पानी पहुंचता था (यानी कोहनी तक)। और उनका लिबास उम्दा तरीन रेशम का होगा जो आराम, पाकीज़गी और दायमी सुकून की अलामत है।
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