Transliteration: (Wa im min shai'in illaa 'indanaa khazaaa 'inuhoo wa maa nunazziluhooo illaa biqadarim ma'loom)
और कोई चीज़ ऐसी नहीं जिसके हमारे पास ख़ज़ाने न हों [27], और हम उसे एक जाने हुए अंदाज़े से ही उतारते हैं।
ख़ज़ानों से मुराद मख़्लूक़ ख़ज़ाने हैं, यानी अल्लाह तआला हर चीज़ को पैदा फ़रमाने पर क़ुदरत-ए-ताम्मा रखता है। इसका यह मतलब नहीं कि उसने किसी ख़ास जगह चीज़ें जमा कर रखी हैं। इसी मफ़हूम के तहत अल्लाह तआला फ़रमाता है: "फ़रमा दीजिए (ऐ महबूब), मेरे पास अल्लाह के ख़ज़ाने नहीं हैं।" चुनाँचे अल्लाह तआला ख़ालिक़ है, और हुज़ूर अकरम ﷺ को ज़मीन के तमाम ख़ज़ानों की कुंजियाँ (चाबियाँ) अता फ़रमाई गई हैं।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat