कुरान - 15:27 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

27
وَٱلۡجَآنَّ خَلَقۡنَٰهُ مِن قَبۡلُ مِن نَّارِ ٱلسَّمُومِ

Transliteration: (Waljaaanna khalaqnaahu min qablu min naaris samoom)

और जिन्नों को हमने उससे पहले बे-धुएँ की तेज़ आग से बनाया [34]। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 27 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 27 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

और जिन्नों को हमने उससे पहले बे-धुएँ की तेज़ आग से बनाया [34]।

[34] जिन्नात की पैदाइश

इससे दो अहम बातें मालूम हुईं:

  1. जिन्नात की पैदाइश इन्सानों से पहले हुई थी।

  2. शैतान इन्सान के मसानों (रगों व रगो-रेशे) में घुस जाता है, क्योंकि उसकी पैदाइश ऐसी तेज़ और लतीफ़ आग से है जो दाख़िल होने की सलाहियत रखती है।

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