कुरान - 15:28 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

28
وَإِذۡ قَالَ رَبُّكَ لِلۡمَلَـٰٓئِكَةِ إِنِّي خَٰلِقُۢ بَشَرٗا مِّن صَلۡصَٰلٖ مِّنۡ حَمَإٖ مَّسۡنُونٖ

Transliteration: (Wa iz qaala Rabbuka lilmalaaa' ikati innee khaaliqum basharam min salsaalim min hama im masnoon)

और याद करो जब आपके रब ने फ़रिश्तों से फ़रमाया, "मैं बजती हुई मिट्टी से जो सड़े काले गारे से है, एक बशर बनाने वाला हूँ [35]।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 28 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 28 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

और याद करो जब आपके रब ने फ़रिश्तों से फ़रमाया, "मैं बजती हुई मिट्टी से जो सड़े काले गारे से है, एक बशर बनाने वाला हूँ [35]।"

[35] हज़रत आदम अलैहिस्सलाम का ख़ास मर्तबा

अल्लाह तआला ने हज़रत आदम की तख़्लीक़ से पहले फ़रिश्तों और इब्लीस को इसकी ख़बर दी। यहाँ हज़रत आदम को 'बशर' फ़रमाना उनकी बड़ी ताज़ीम है, क्योंकि 'बशर' मुबाशरत से मुश्तक़ है — यानी अल्लाह तआला ने फ़रिश्तों के वास्ते के बिना बराहे-रास्त अपनी ख़ास क़ुदरत से उन्हें तख़्लीक़ फ़रमाया, जैसा कि सूरह साद में फ़रमाया: "जिसे मैंने अपने दस्त-ए-क़ुदरत से बनाया।"

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