Transliteration: (Qaaloo bashsharnaaka bilhaqqi falaa takum minal qaaniteen)
वे बोले, "हमने आपको सच्ची बशारत दी है, तो आप ना-उम्मीद न हों" [64]।
यानी आप दोनों इसी बुढ़ापे की हालत में रहेंगे और अल्लाह आपको बेटा अता फ़रमाएगा। इस आयत का यह मतलब हरगिज़ नहीं कि हज़रत इब्राहीम (मआज़अल्लाह) अल्लाह की रहमत से ना-उम्मीद हो चुके थे; बल्कि यह महज़ एक तसल्ली और हिदायती नसीहत थी — जैसे हज़रत लुक़मान ने अपने बेटे से फ़रमाया था कि "शिर्क न करना", जिसका मतलब यह नहीं था कि बेटा शिर्क कर रहा था।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat