कुरान - 15:87 सूरह अल-हिज्र अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

87
وَلَقَدۡ ءَاتَيۡنَٰكَ سَبۡعٗا مِّنَ ٱلۡمَثَانِي وَٱلۡقُرۡءَانَ ٱلۡعَظِيمَ

Transliteration: (Wa laqad aatainaaka sab'am minal masaanee wal Qur-aanal 'Azeem)

और बेशक हमने आपको सात आयतें दीं जो दोहराई जाती हैं [100] और अज़ीम क़ुरआन अता फ़रमाया। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह अल-हिज्र आयत 87 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह अल-हिज्र – आयत 87 की तफ़सीर (तफ़सीरे नईमी)

और बेशक हमने आपको सात आयतें दीं जो दोहराई जाती हैं [100] और अज़ीम क़ुरआन अता फ़रमाया।

[100] सूरह अल-फ़ातिहा और क़ुरआन-ए-अज़ीम की फ़ज़ीलत

'सात दोहराई जाने वाली आयतों' से मुराद सूरह अल-फ़ातिहा है, जिसे हर नमाज़ की हर रकअत में बार-बार पढ़ा जाता है।

  1. सूरह अल-फ़ातिहा की कुल सात आयतें हैं, जिस पर तमाम उम्मत का इज्माअ है।

  2. इसे पूरे क़ुरआन के साथ ख़ास तौर पर ज़िक्र फ़रमाना इसकी बेपनाह अज़मत व शराफ़त की दलील है।

  3. क़ुरआन-ए-अज़ीम की अज़मत का तक़ाज़ा है कि इसकी तरफ़ कभी पीठ या पाँव न किए जाएँ, और बिना वुज़ू या ग़ुस्ल के इसे छूना हराम है।

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