Transliteration: (Wa laqad aatainaaka sab'am minal masaanee wal Qur-aanal 'Azeem)
और बेशक हमने आपको सात आयतें दीं जो दोहराई जाती हैं [100] और अज़ीम क़ुरआन अता फ़रमाया।
'सात दोहराई जाने वाली आयतों' से मुराद सूरह अल-फ़ातिहा है, जिसे हर नमाज़ की हर रकअत में बार-बार पढ़ा जाता है।
सूरह अल-फ़ातिहा की कुल सात आयतें हैं, जिस पर तमाम उम्मत का इज्माअ है।
इसे पूरे क़ुरआन के साथ ख़ास तौर पर ज़िक्र फ़रमाना इसकी बेपनाह अज़मत व शराफ़त की दलील है।
क़ुरआन-ए-अज़ीम की अज़मत का तक़ाज़ा है कि इसकी तरफ़ कभी पीठ या पाँव न किए जाएँ, और बिना वुज़ू या ग़ुस्ल के इसे छूना हराम है।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat